Himachal Pradesh Floods: धधकती गर्मी के बाद आये मानसून ने अपना कहर बरपाना शुरु कर दिया है। जिससे कई राज्यों में गरज चमक के साथ बिजली कड़कने के बाद तेज बारिश ने गर्मी से राहत तो दे दी लेकिन इस बार एक सप्ताह देरी से आये मानसून ने हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में बाढ़ से तबाही मचा दी। हिमाचल में मानसून ने जून के अंतिम सप्ताह में राज्यों में प्रवेश करना शुरु किया और 1 जुलाई को बाढ़ के प्रकोप ने जनमानस के जीवन को अस्त व्यस्त कर डाला। जिसके कारण अब तक भूस्खलन से 9 लोगों की जाने चली गई और कई वाहन क्षतिग्रस्त होकर पानी में डूब गये। जबकि यहाँ पर रहने वाले लोगों के घर बाढ़ में ढह कर मलबे में बदल गये। हिमाचल में बाढ़ के प्रकोप से 50 से अधिक रास्ते बाधित है।
मुसलाधार बारिश से पिघले हिमालयी क्षेत्रों के ग्लेशियर
तेज मुसलाधार बारिश के चलते धौलाधार, पीर पंजाल समेत जांस्कर और व्रहत हिमालयी क्षेत्रों के ग्लेशियर पिघलने से बाढ़ का कोप बढ़ता चला गया। जिसके कारण जहालमा, मुर्शी, किन्नौर का चोलिंग नाला, काचरंग और चंबा का घिसल नाला एंव हिलोर नाला उफान मारने लगे जिससे उसका मलबा भी राहगीरों घूमने आये पर्यटकों समेत आम जनमानस के लिये आफत बन गया है।

हिमाचल में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किन्नौर में बाढ़ की इस भयावह स्थिति को देखते हुये हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने 3, 5 एंव 6 जुलाई को भारी बारिश के हलात को देखते हुये ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। और 7, 8 जुलाई को मध्यम बारिश का अनुमान लगाते हुये येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की माने तो हिमाचल में 4 जुलाई को ऊचाँई वाले स्थानों 5 जुलाई को मैदानी भागों में भारी बारिश होने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा हिमाचल में 6 और 7 जुलाई को मध्यम और बौछारों की संभावना देखी जा सकती है। ..समाप्त....... ये भी पढ़ेः फलों के राजा आम का गर्मी में अलग अंदाज


1 Comment
Pingback: Mango Festival2026:मलिहाबादी दशहरी को GI टैग - anantpratigyakhabar.com